Sharabi Shayari in Hindi || Best Sharabi Shayari

By | 28/11/2018

Sharabi Shayari in Hindi For Whatsapp

मैं तोड़ LETA अगर WO गुलाब होती!
मैं जवाब बनता AGR वो सवाल होती!
SB जानते हैं मैं नशा NHI करता,
फिर BHI पी लेता अगर WO शराब होती!


पीने से KR चुका था ME तौबा मगर ‘जलील’
बादल KA RANG देख KE नीयत बदल गई,.,!!!


TUM क्या जानो शराब KESE पिलाई जाती है!
खोलने SE पहले बोतल हिलाई जाती है!
फिर आवाज़ LGAYI जाती है
AA जाओ दर्दे दिलवालों!
YHA दर्द-ऐ-DIL की दावा पिलाई जाती है!


मदहोश कर DETA HAI तेरे ये देखने KA अंदाज़
OR लोग सोचते हैं कि HUM पीते बहुत है


थोड़ी सी पी SHRAB थोड़ी उछाल Diiiii,
KUCH इस तरह SE हमने जवानी निकाल दी!


पीते थे शराब HUM
USNE छुड़ाई अपनी कसम देकर
महफ़िल ME गए थे HUM
YAARO ने पिलाई उसकी कसम देकर।


Sharabi Shayari in Hindi For Facebook

 

यह शायरी लिखना UNKA काम NHiii
जिनके DIL आँखों में बसा करते हैं
शायरी TO वो शख्श लिखता है
जो शराब से NHI कलम से नशा करता है।


ख़ुद APNii मस्ती है जिस ने मचाई HAI हलचल
नशा शराब ME होता तो नाचती बोतल⁠⁠⁠⁠

 


रात गुम Siiii  है मगर चैन खामोश NHiii
KESE कह दूँ  AAJ फिर होश नही,
ऐसा डूबा TERii आँखों की गहराई में ,
हाथ ME जाम है मगर पीने KA होश नही


के AAJ तो शराब ने भी APNA रंग दिखा दिया,
दो दुश्मनो KO गले SE लगवा, दोस्त बनवा DIYA


AAJ अंगूर की बेटी SE मोहब्बत कर ले
शेख साहब Kii नसीहत SE बगावत कर ले
ESKiii बेटी ने उठा रखी है सर पर DUNIYA
ये तो अच्छा HUVA अंगूर को बेटा न हुआ


पी के RAT को हम UNKO भुलाने लगे
शराब मे ME ग़म को मिलाने लगे
ये शराब भी बेवफा निकली YARO
नशे मे तो WO और भी YAAD आने लगे।


ये तो DEKHA कि मिरे हाथ ME पैमाना है
YE न देखा कि ग़म-ए-इश्क़ KO समझाना है


 Hindi Sharabi Shayar

KUCH सही तो कुछ खराब कहते हैं;
लोग HUMee बिगड़ा हुआ नवाब कहते हैं;
HUM तो बदनाम हुए KUCH इस कदर;
Kii पानी भी पियें TO लोग शराब कहते हैं।


फिर ना PINE की कसम खा LUNGA
SATH जीने की कसम खा लूँगा;
EK बार APNii आँखों से पिला दे साकी;
शराफत SE जीने Kii कसम खा लूँगा।


शराब और MERA कई बार ब्रेकअप हो चुका है;
पर कमबख्त हर बार MUJHEमना लेती है


KUCH नशा तो AAPKI बात का है;
KUCH नशा TO धीमी बरसात का है;
हमें AAP यूँ ही शराबी ना कहिये;
इस DIL पर असर तो AAP से मुलाकात का है।


बैठे हैं DIL में ये अरमां जगाये;
कि वो AAJ नजरों से अपनी पिलायें
मजा TO तब है पीने का YAAR
इधर HUM पियें और नशा UNKO आये।


HUM तो जी रहे थे UNKA नाम लेकर
वो गुज़रते थे HMARA सलाम लेकर
कल वो कह गए भुला दो HUMKO


HUMNE पूछा कैसे, WO चले गए हाथों मे जाम देकर।
नशा मोहब्बत KA हो या शराब KA होश दोनों ME खो जाते है
फर्क सिर्फ ETNA है की शराब सुला देती है
OR मोहब्बत रुला देती है


महफ़िल – ऐ -इश्क सजाओ तो KOI बात बने
दौलत-ऐ -ISHQ लुटाओ तो KOI बात बने
जाम हाथों SE नहीं है PINA मुझको कभी
आँखों SE पिलाओ तो KOI बात बने


 

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